महान व्यंग्यकार की पुण्यतिथि: व्यंग्य के पीछे का जीवन और प्रेरणाएँ

किसी भी समाज के लिए, व्यंग्य एक शक्तिशाली दर्पण होता है, जो उसकी विसंगतियों और सच्चाइयों को उजागर करता है। आज, हम एक ऐसे ही महान व्यंग्यकार की पुण्यतिथि मना रहे हैं, जिनके तीखे कटाक्षों ने समय-समय पर हमें सोचने पर मजबूर किया। इस विशेष दिन पर, आइए उनके उस जीवन को फिर से देखें … Read more

मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान की ‘रिजीम चेंज’: सत्ता, प्रतिशोध और भ्रष्टाचार का चौंकाने वाला सच

पत्रकारिता जगत में अपनी पैनी नज़र और गहन शोध के लिए मशहूर मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान एक बार फिर अपनी नई पुस्तक ‘रिजीम चेंज’ के साथ पाठकों के सामने हैं। यह पुस्तक सत्ता, प्रतिशोध और भ्रष्टाचार की दुनिया का एक ऐसा चौंकाने वाला और भयावह चित्र प्रस्तुत करती है, जो पाठकों को सोचने पर … Read more

राष्ट्रमंडल लघु कथा पुरस्कार 2027: आवेदन की नई तिथियाँ और महत्वपूर्ण अपडेट

लेखन और साहित्य प्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। हर साल दुनिया भर के उभरते और स्थापित लेखकों को एक मंच प्रदान करने वाला प्रतिष्ठित राष्ट्रमंडल लघु कथा पुरस्कार (Commonwealth Short Story Prize) अपने 2027 संस्करण के लिए आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत में एक बदलाव की घोषणा कर रहा है। आवेदन की नई तिथि: … Read more

फैज़ अहमद फैज़: वो नज़्में जो सरहदों और पीढ़ियों के पार आज भी गूंजती हैं

उर्दू शायरी के अज़ीम शायर फैज़ अहमद फैज़ की नज़्में सिर्फ़ शब्द नहीं, बल्कि अहसासात और क्रांति की वो अलख हैं जो आज भी करोड़ों दिलों में जल रही है। उनकी शायरी का जादू ऐसा है कि समय और भूगोल की कोई सीमा उसे बांध नहीं पाती। फैज़ की आवाज़, उनकी सोच और उनके शब्दों … Read more

नीरा चंडोक की ‘लैंग्वेजेस ऑफ़ फ़्रीडम’: आज़ादी, सत्ता और बॉम्बे सिनेमा पर एक गहन चर्चा

प्रसिद्ध राजनीतिक विचारक और अकादमिक नीरा चंडोक ने अपनी नई पुस्तक ‘लैंग्वेजेस ऑफ़ फ़्रीडम’ (Languages of Freedom) के माध्यम से आज़ादी, सत्ता और भारतीय राष्ट्र-राज्य के साथ बॉम्बे सिनेमा के जटिल संबंधों पर एक नई रोशनी डाली है। यह किताब न केवल आज़ादी की अवधारणा को गहराई से परखती है, बल्कि यह भी बताती है … Read more

मैरी बीयर्ड की “टॉकिंग क्लासिक्स”: अतीत की रोमांचक खोज जो परिचित भी है और अजीब भी

इस सप्ताह मेरी पढ़ने की सूची में ब्रिटिश क्लासिसिस्ट और इतिहासकार मैरी बीयर्ड की विचारोत्तेजक पुस्तक “टॉकिंग क्लासिक्स” रही। यह पुस्तक हमें अतीत की एक ऐसी यात्रा पर ले जाती है, जहाँ हमें यह महसूस होता है कि समय का चक्र हमें भले ही आगे ले आया हो, लेकिन हमारी जड़ें आज भी वहीं हैं। … Read more

वेंडी डोनिगर का नया संस्मरण: अकादमिक उकसावे पर उनके विचार और छात्रों के लिए सलाह

अमेरिकी इंडोलॉजिस्ट वेंडी डोनिगर, जो अपनी गहन विद्वत्ता और भारतविद्या में योगदान के लिए जानी जाती हैं, ने हाल ही में अपना बहुप्रतीक्षित संस्मरण ‘For the Love of Stories: Confessions of An Accidental Feminist’ जारी किया है। यह पुस्तक उनके असाधारण जीवन, अकादमिक यात्रा और एक ‘आकस्मिक फेमिनिस्ट’ के रूप में उनके अनुभवों का एक … Read more

भाषावाद 3.0: एआई, अनुवाद और भाषाई बहिष्कार पर अशोका के विद्वानों की गहन चर्चा

आगामी भाषावाद 3.0 कार्यक्रम से पहले, अशोका सेंटर फॉर ट्रांसलेशन के सह-निदेशक, प्रोफेसर रीता कोठारी और प्रोफेसर अरुणाव सिन्हा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), अनुवाद और भाषाई बहिष्कार की राजनीति पर गहन विचार-विमर्श के लिए एकजुट हुए हैं। यह महत्वपूर्ण चर्चा आधुनिक समाज में भाषा, प्रौद्योगिकी और शक्ति के जटिल अंतर्संबंधों को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण … Read more

रक्षा बंधन पर विशेष पठन सूची: भाई-बहन के रिश्ते के हर पहलू को जानें

रक्षा बंधन का त्योहार भाई और बहन के पवित्र और अनमोल रिश्ते का प्रतीक है। यह सिर्फ एक धागे का बंधन नहीं, बल्कि प्यार, विश्वास, सुरक्षा और साथ का एक अटूट वादा है। इस पावन अवसर पर, हम आपके लिए लेकर आए हैं एक खास पठन सूची, जिसमें विभिन्न लेखकों द्वारा लिखी गई ऐसी किताबें … Read more

पुराना संसद भवन: भारतीय राजनीतिक संस्कृति का अनूठा प्रतिबिंब और शोभना के. नायर की पुस्तक

हाल ही में प्रकाशित शोभना के. नायर की प्रभावशाली पुस्तक ‘हाउसिंग द रिपब्लिक’ भारतीय लोकतंत्र के एक महत्वपूर्ण पहलू पर गहराई से प्रकाश डालती है। यह पुस्तक हमें बताती है कि कैसे पुराने संसद भवन ने भारत की राजनीतिक संस्कृति को आकार दिया, उसे पोषित किया और नए संसद भवन के आने से हमने क्या … Read more