ध्रुबो ज्योति और धामिनी रत्नम: शहरी रूढ़ियों से परे समकालीन क्वीर पहचान का अन्वेषण
हाल ही में, संपादक ध्रुबो ज्योति और धामिनी रत्नम ने अपनी नवीनतम रचना के माध्यम से समकालीन क्वीर पहचान के एक गहन और बहुआयामी चित्रण को प्रस्तुत किया है। यह कार्य विशेष रूप से महानगरीय रूढ़िवादिता और सतही चित्रणों से बचने का प्रयास करता है, जिससे विषय को एक नई गहराई मिलती है। ध्रुबो ज्योति … Read more