अलका सरावगी का नया उपन्यास: 1971 के बाद के कोलकाता में पहचान और विस्थापन की गाथा
प्रसिद्ध लेखिका अलका सरावगी अपने नवीनतम उपन्यास के साथ पाठकों के सामने एक और गहन कहानी लेकर आई हैं। 1971 के बाद के कोलकाता की पृष्ठभूमि पर आधारित, यह उपन्यास मानवीय पहचान, विस्थापन, अपनेपन और अस्तित्व के जटिल धागों को बड़ी संवेदनशीलता के साथ बुनता है। लेखिका ने नायक, कुलभूषण, के जीवन के माध्यम से … Read more