‘एब्सोल्यूट जाफ़र’: शहरों की यादें और अलविदा कहने का सरनाथ बनर्जी का अनोखा तरीका
क्या आपने कभी महसूस किया है कि कुछ शहर सिर्फ ईंट और मोर्टार से बनी संरचनाएं नहीं होते, बल्कि हमारी यादों, भावनाओं और पहचान का एक अभिन्न हिस्सा बन जाते हैं? उनसे जुड़ाव इतना गहरा होता है कि उन्हें छोड़ना या उनसे जुड़ी यादों को मिटाना असंभव सा लगता है। प्रसिद्ध लेखक सरनाथ बनर्जी अपनी … Read more