चलना: रचनात्मकता और प्रेरणा का एक प्राचीन रहस्य

क्या आपने कभी सोचा है कि आपके सबसे अच्छे विचार कब आते हैं? अक्सर, वे तब आते हैं जब आप किसी काम में व्यस्त नहीं होते, बल्कि टहल रहे होते हैं। इतिहास गवाह है कि कई महान लेखकों और विचारकों ने चलने को अपनी रचनात्मकता को पंख देने का एक शक्तिशाली माध्यम माना है। यह … Read more

भारतीय चुनावों में महिला मतदाताओं की बढ़ती शक्ति: रूही तिवारी की ‘व्हाट वुमेन वांट’

भारतीय लोकतंत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखा गया है, जो महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी में वृद्धि से चिह्नित है। दशकों से चला आ रहा लिंग अंतर, जहां पुरुषों की तुलना में कम महिलाएं मतदान करती थीं, अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। पत्रकार और लेखिका रूही तिवारी अपनी नई पुस्तक ‘व्हाट वुमेन वांट’ में इस … Read more

नारी शक्ति की आवाज़: प्रतिरोध की पहली भाषा साहित्य में

अक्सर हम विरोध प्रदर्शनों और नारों को सामाजिक बदलाव की शुरुआत मानते हैं, लेकिन इन बुलंद आवाज़ों के सड़कों पर आने से बहुत पहले, प्रतिरोध का पहला बीज कलम के माध्यम से बोया जाता है। यह कविताओं, उपन्यासों और गवाहियों के रूप में सामने आता है, जो महिलाओं की असहमति को उसकी पहली, सबसे गहरी … Read more

मेघा मजूमदार और शीना कलायिल के उपन्यास प्रतिष्ठित £30,000 साहित्यिक पुरस्कार की दौड़ में

साहित्यिक जगत में नई हलचल: दो बेहतरीन उपन्यास पुरस्कार की दौड़ में साहित्य प्रेमियों के लिए एक रोमांचक खबर सामने आई है! दो प्रतिभाशाली लेखिकाओं, मेघा मजूमदार और शीना कलायिल, के उपन्यास प्रतिष्ठित £30,000 साहित्यिक पुरस्कार के लिए नामांकित 16 किताबों की सूची में शामिल हो गए हैं। यह भारतीय मूल के लेखकों के लिए … Read more

सारनाथ बनर्जी: भारतीय ग्राफिक नॉवेल के पुरोधा की कला और जीवन पर अद्वितीय दृष्टि

भारतीय ग्राफिक नॉवेल की दुनिया में सारनाथ बनर्जी एक ऐसा नाम हैं जिन्होंने इस विधा को एक नई पहचान दी है। अपनी कला के माध्यम से वे सिर्फ कहानियाँ नहीं सुनाते, बल्कि जीवन, समाज और मानवीय अनुभवों पर गहरा चिंतन भी प्रस्तुत करते हैं। हाल ही में, उन्होंने ‘चलने’, ‘अपनापन’ और ‘एक कलाकार के लिए … Read more

बचपन की एक मुलाकात और फोटोग्राफी का सफर: रोहित चावला और रघु राय की कहानी

क्या आप जानते हैं कि एक छोटे से बचपन की मुलाकात आपकी पूरी ज़िंदगी का रास्ता तय कर सकती है? प्रसिद्ध फोटोग्राफर रोहित चावला के साथ कुछ ऐसा ही हुआ था। अपनी आने वाली किताब, जिसमें कलाकारों के बेहतरीन पोर्ट्रेट्स शामिल हैं, की प्रस्तावना में, रोहित चावला उस निर्णायक पल को याद करते हैं जिसने … Read more

इतिहास की खामोशी तोड़ती महिला दार्शनिक: उनकी अविस्मरणीय विरासत

इतिहास की खामोशी तोड़ती महिला दार्शनिक: उनकी अविस्मरणीय विरासत दर्शनशास्त्र के इतिहास में अक्सर पुरुष दार्शनिकों का वर्चस्व रहा है, जिनकी शिक्षाओं और विचारों को सदियों से सम्मान और अध्ययन का केंद्र बनाया गया है। लेकिन इस पुरुष-प्रधान आख्यान में, कई प्रतिभाशाली महिला दार्शनिकों की आवाज़ों को जानबूझकर या अनजाने में खामोश कर दिया गया। … Read more

पद्मा विश्वनाथन: इंटरनेशनल बुकर प्राइज़ 2026 लॉन्गलिस्ट में भारतीय मूल की लेखिका

साहित्य प्रेमियों और पाठकों के लिए एक रोमांचक खबर सामने आई है! भारतीय मूल की कनाडाई-अमेरिकी लेखिका पद्मा विश्वनाथन को प्रतिष्ठित इंटरनेशनल बुकर प्राइज़ 2026 की लॉन्गलिस्ट में शामिल किया गया है। यह सम्मान उन्हें ब्राज़ीलियाई लेखिका अना पाउला माइया की पुस्तक ‘On Earth As It Is Beneath’ के उनके उत्कृष्ट अनुवाद के लिए मिला … Read more

अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार 2027: नया नाम, दोगुनी इनामी राशि और निर्णायक मंडल में बड़ा बदलाव

साहित्य जगत के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक, अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार (International Booker Prize), एक महत्वपूर्ण परिवर्तन के दौर से गुजरने वाला है। एक दशक लंबे फंडिंग समझौते के परिणामस्वरूप, यह पुरस्कार 2027 से एक नए नाम, दोगुनी इनामी राशि और एक नई निर्णायक समिति के साथ सामने आएगा। यह बदलाव विश्व साहित्य को … Read more

अरुंधति रॉय: गाजा से मोदी सरकार तक, भारत की विदेश नीति पर तीखी आलोचना

जानी-मानी भारतीय लेखिका और कार्यकर्ता, अरुंधति रॉय, अपने बेबाक विचारों और तीखी आलोचनाओं के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में उन्होंने अपने एक बयान में अंतर्राष्ट्रीय राजनीति और भारत की विदेश नीति पर गंभीर सवाल उठाए, जिसने एक बार फिर बहस छेड़ दी है। अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अरुंधति रॉय की बेबाकी: गाजा और तेहरान … Read more