चार दशक बाद: सहर का ऐतिहासिक संस्मरण ‘यादों का जश्न’ अब अंग्रेजी में!
साहित्य प्रेमियों के लिए एक खुशखबरी! उर्दू साहित्य के एक महत्वपूर्ण संस्मरण, ‘यादों का जश्न’, जिसे चार दशक पहले प्रकाशित किया गया था, अब आखिरकार अंग्रेजी पाठकों के लिए भी उपलब्ध हो गया है। यह सहर द्वारा लिखित एक मार्मिक और ऐतिहासिक कृति है, जो विभाजन, कविता और नौकरशाही जीवन के अनुभवों को बयां करती … Read more