साहित्य प्रेमियों के लिए एक खुशखबरी! उर्दू साहित्य के एक महत्वपूर्ण संस्मरण, ‘यादों का जश्न’, जिसे चार दशक पहले प्रकाशित किया गया था, अब आखिरकार अंग्रेजी पाठकों के लिए भी उपलब्ध हो गया है। यह सहर द्वारा लिखित एक मार्मिक और ऐतिहासिक कृति है, जो विभाजन, कविता और नौकरशाही जीवन के अनुभवों को बयां करती है।
सहर, एक ऐसे लेखक जिन्होंने अपनी रचनाओं से गहरी छाप छोड़ी है, ने ‘यादों का जश्न’ में भारत के विभाजन के व्यक्तिगत और मानवीय पहलुओं को बड़ी संवेदनशीलता से प्रस्तुत किया है। यह सिर्फ एक इतिहास का वर्णन नहीं है, बल्कि उस समय के सामाजिक ताने-बाने, व्यक्तिगत पीड़ाओं और संघर्षों का जीवंत चित्रण भी है। इसमें उनकी काव्य रचनाओं की झलकियाँ भी मिलती हैं, जो उनके जीवन और अनुभवों को और भी गहरा बनाती हैं। साथ ही, यह पुस्तक नौकरशाही जीवन की अंदरूनी परतों को भी उजागर करती है, जो उस दौर के प्रशासन और समाज को समझने में मदद करती है।
चार दशक का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है, और अब गैर-उर्दू भाषी पाठक भी इस समृद्ध साहित्यिक विरासत का आनंद ले सकेंगे। यह अनुवाद न केवल एक भाषा से दूसरी भाषा में बदलाव है, बल्कि एक पूरी पीढ़ी के अनुभवों को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने का एक पुल भी है। ‘यादों का जश्न’ का अंग्रेजी अनुवाद निश्चित रूप से साहित्य प्रेमियों और इतिहास के छात्रों के लिए एक अनमोल भेंट है, जो विभाजन के दौर को एक नए दृष्टिकोण से समझना चाहते हैं।


