मुजफ्फरनगर दंगे 2013: ‘द वन्स एंड फ्यूचर रायट’ – एक सचित्र ऐतिहासिक विश्लेषण

इतिहास हमें सीख देता है, खासकर जब हम अतीत की दुखद घटनाओं को समझना चाहते हैं। इसी कड़ी में, वर्ष 2025 में प्रकाशित होने वाली एक महत्वपूर्ण पुस्तक ‘द वन्स एंड फ्यूचर रायट’ (The Once and Future Riot) पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में 2013 में हुए भयावह सांप्रदायिक दंगों का एक विस्तृत, सचित्र लेखा-जोखा … Read more

ग्रामीण गृहिणी ‘पूजा’ ने छेड़ी नई बहस: क्या बुद्धिमत्ता सिर्फ शहरी है?

भारत की तेजी से बढ़ती और प्रतिस्पर्धी डिजिटल अर्थव्यवस्था में, अक्सर यह मान लिया जाता है कि प्रभाव और बौद्धिकता केवल शहरी क्षेत्रों के चमक-धमक वाले इन्फ्लुएंसर्स का विशेषाधिकार है। लेकिन पश्चिम बंगाल के एक छोटे से गाँव की एक गृहिणी, जो ‘लाइफ ऑफ पूजा’ (Life of Puja) नाम से अपना अकाउंट चलाती है, इस … Read more

दानियाल मोइनुद्दीन का नया उपन्यास: जहाँ सर्प रहता है – पाकिस्तानी नियति और डिकेंसियन पात्रों का संगम

दानियाल मोइनुद्दीन, जिनकी कहानियों में अक्सर पाकिस्तान की आत्मा झलकती है, अपने नवीनतम उपन्यास ‘जहाँ सर्प रहता है’ (This is Where The Serpent Lives) के साथ एक बार फिर पाठकों को मंत्रमुग्ध करने के लिए तैयार हैं। यह उपन्यास सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि पात्रों और नियति का एक गहरा ताना-बाना है, जिसे पढ़ने के … Read more

पैलिएटिव केयर: एक लेखक की यात्रा, मृत्यु का सामना और जीवन का नया अर्थ | Em and The Big Hoom के लेखक की नई किताब

साहित्य की दुनिया में अपने गहन और संवेदनशील लेखन के लिए प्रसिद्ध, Em and The Big Hoom के लेखक ने अपनी नवीनतम कृति के लिए एक असाधारण और भावुक यात्रा की है। वर्षों तक मरणासन्न लोगों के साथ बैठकर, उन्होंने पैलिएटिव केयर (शामक देखभाल) की दुनिया को गहराई से समझा है। यह नई किताब न … Read more

पद्मा विश्वनाथन: भारतीय मूल की अनुवादक प्रतिष्ठित £50,000 पुरस्कार की फाइनलिस्ट

कनाडा-अमेरिकी और भारतीय मूल की प्रतिष्ठित अनुवादक Padma Viswanathan को साहित्य जगत के एक बड़े सम्मान के लिए चुना गया है। उन्हें £50,000 (लगभग 50 लाख रुपये) के उस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए छह फाइनलिस्टों में शामिल किया गया है, जो अनुवाद में सर्वश्रेष्ठ फिक्शन को सम्मानित करता है। यह खबर भारतीय साहित्यिक समुदाय और … Read more

महाराजा मार्तंड वर्मा: ‘गॉड्स ओन एम्पायर’ में कोलाचल युद्ध और इतिहास का पुनर्मूल्यांकन

रघु और पुष्पा पालाट द्वारा लिखित पुस्तक ‘गॉड्स ओन एम्पायर’ भारतीय इतिहास के एक महत्वपूर्ण अध्याय, विशेषकर महाराजा मार्तंड वर्मा के शासनकाल और उनके योगदान पर एक नई रोशनी डालती है। यह पुस्तक न केवल एक गुमनाम नायक की विरासत को पुनर्स्थापित करती है, बल्कि भारतीय इतिहासलेखन की स्थापित धारणाओं पर भी गंभीर सवाल उठाती … Read more

AI डिटेक्शन सॉफ्टवेयर: क्या यह वाकई निर्णायक सबूत है? एक फाउंडेशन का महत्वपूर्ण निर्णय

हाल ही में, एक प्रतिष्ठित फाउंडेशन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डिटेक्शन सॉफ्टवेयर के उपयोग और उनकी विश्वसनीयता पर एक महत्वपूर्ण रुख अपनाया है। यह निर्णय शिक्षा और अकादमिक जगत में AI के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए विशेष रूप से प्रासंगिक है। AI डिटेक्शन की सीमाएँ: फाउंडेशन का मत फाउंडेशन ने इस बात पर गहन … Read more

अनीशा लालवानी की नायिका: आधुनिक भारतीय महिला की ‘प्रगतिशील उलझन’ और आज की सच्चाई

अनीशा लालवानी की नायिका: आधुनिक भारतीय महिला की ‘प्रगतिशील उलझन’ आज के दौर में भारतीय समाज तेजी से बदल रहा है, और इस बदलाव की सबसे बड़ी वाहक हैं आधुनिक भारतीय महिलाएँ। वे एक तरफ़ परंपराओं की डोर थामे हुए हैं, तो दूसरी तरफ़ आधुनिकता की उड़ान भरना चाहती हैं। इन्हीं जटिलताओं को अनीशा लालवानी … Read more

केरल के मुख्यमंत्री की पठन सूची: कैसे किताबें बनती हैं नीति का आधार

ज्ञान की कोई सीमा नहीं होती, और जब यह ज्ञान किसी राज्य के सर्वोच्च नेता द्वारा आत्मसात किया जाता है, तो इसके दूरगामी परिणाम होते हैं। केरल के मुख्यमंत्री का उदाहरण इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि कैसे एक नेता की पठन सूची न केवल उनके व्यक्तिगत दृष्टिकोण को समृद्ध करती है, बल्कि सीधे … Read more

पत्रकार-लेखक रक्षित सोनावणे: ‘स्कम ऑफ द अर्थ’ और जातिवाद के खिलाफ लड़ाई प्रतीकात्मकता से परे

हाल ही में एक विशेष साक्षात्कार में, पत्रकार से लेखक बने रक्षित सोनावणे ने अपने बहुचर्चित उपन्यास ‘स्कम ऑफ द अर्थ’ पर विस्तार से बात की। इस बातचीत में उन्होंने एक बेहद महत्वपूर्ण मुद्दे पर प्रकाश डाला: जातिगत भेदभाव और जातिवाद के खिलाफ संघर्ष को केवल प्रतीकों तक सीमित न रखकर उससे आगे बढ़ने की … Read more