सुमिता चंदानी रेखी: जब १०० शब्द बन जाते हैं १०० दुनियाएँ

साहित्य और कला जगत में ऐसे नाम कम ही मिलते हैं जो एक साथ कई विधाओं में निपुण हों। इन्हीं असाधारण प्रतिभाओं में से एक हैं शिक्षाविद, मूर्तिकार, गायिका और कवयित्री सुमिता चंदानी रेखी। उनकी रचनात्मकता का नवीनतम प्रमाण उनकी नई किताब है, जो शब्दों की दुनिया में एक अनोखा और गहरा अनुभव प्रदान करती … Read more

क्या महाकाव्य को धोखा दिया जा सकता है? भारतीय अनुवादकों की दृष्टि बनाम नोलन की ‘ओडिसी’ पर बहस

क्या किसी महाकाव्य के साथ विश्वासघात संभव है? यह एक ऐसा प्रश्न है जो सदियों से साहित्य प्रेमियों और विद्वानों को उलझाता रहा है। हाल ही में, जब क्रिस्टोफर नोलन की ‘ओडिसी’ को लेकर आलोचक आपस में भिड़ गए, तो एक बार फिर यह बहस तेज़ हो गई कि क्या एक आधुनिक प्रस्तुति अपनी मूल … Read more

जॉर्ज आर.आर. मार्टिन: एमी में ‘नाइट ऑफ़ सेवन किंगडम्स’ और मानसिक स्वास्थ्य पर बातचीत

विश्व के सबसे प्रशंसित कहानीकारों में से एक, जॉर्ज आर.आर. मार्टिन, जिनकी कल्पना ने ‘गेम ऑफ़ थ्रोन्स’ जैसे महाकाव्यों को जन्म दिया है, ने हाल ही में अपनी व्यक्तिगत यात्रा के एक संवेदनशील पहलू को साझा किया है। ‘नाइट ऑफ़ सेवन किंगडम्स: द हैडज नाइट’ (Knight of Seven Kingdoms: The Hedge Knight) की एमी नामांकनों … Read more

जॉर्ज आर.आर. मार्टिन: डिप्रेशन से जूझते हुए ‘अ नाइट ऑफ़ द सेवन किंगडम्स’ को मिली एमी नॉमिनेशन

महान लेखक जॉर्ज आर.आर. मार्टिन, जिनकी रचनाओं ने दुनिया भर के लाखों पाठकों को मंत्रमुग्ध किया है, हाल ही में अपने व्यक्तिगत संघर्षों पर खुलकर बात की है। उन्होंने डिप्रेशन और व्यक्तिगत नुकसान के अनुभवों को साझा किया, जो उनके जीवन और संभवतः उनकी रचनात्मक प्रक्रिया का एक अभिन्न अंग रहे हैं। एक ऐसे समय … Read more

मलयालम लेखिका सारा जोसेफ: प्रेम, समाज और पीढ़ियों का बदलता नज़रिया

मलयालम साहित्य की प्रतिष्ठित लेखिका सारा जोसेफ का जीवन कई मायनों में एक प्रेरणा है। 15 साल की कम उम्र में उनका विवाह हो गया था, और उन्हें यह सिखाया गया था कि विवाह से बाहर का प्रेम एक ‘अपराध’ है। उस दौर में, समाज के स्थापित नियम इतने कठोर थे कि व्यक्तिगत भावनाओं को … Read more

सारा जोसेफ: 80 साल की बेबाक आवाज़, प्रेम और अधिकारों की कहानी

मलयालम साहित्य की एक महान हस्ती, लेखिका सारा जोसेफ की कहानी केवल शब्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह साहस, प्रेम और सामाजिक बंधनों को तोड़ने की एक जीवंत गाथा है। उनकी यात्रा हमें उस समय में ले जाती है जब समाज के नियम व्यक्ति की स्वतंत्रता से ऊपर थे, और यह भी दिखाती है … Read more

जनता मंतर विरोध प्रदर्शन: अरुंधति रॉय का विश्लेषण और मोदी की छवि पर असर

भारत की प्रसिद्ध लेखिका और सामाजिक टिप्पणीकार अरुंधति रॉय ने हाल ही में जनता मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों पर अपनी महत्वपूर्ण राय व्यक्त की है। उनके अनुसार, इन विरोध प्रदर्शनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछले 24 सालों में बनी ‘छवि’ को ‘नष्ट’ करने में अहम भूमिका निभाई है, जो भारतीय राजनीतिक परिदृश्य में … Read more

नादिया हशीमी का ‘विधवाओं का शहर’: अफगानिस्तान के दर्द पर दुनिया की चुप्पी तोड़ता एक उपन्यास

नादिया हशीमी, अपनी सशक्त कहानियों के लिए जानी जाने वाली लेखिका, एक बार फिर अपने नए उपन्यास ‘विधवाओं का शहर’ (City of Widows) के साथ पाठकों के समक्ष हाज़िर हैं। यह सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि अफगानिस्तान की उस कड़वी हकीकत का आइना है जिससे दुनिया ने अक्सर अपनी आँखें मोड़ ली हैं। इस ब्लॉग … Read more

अगर आपने देखी है ‘द ओडिसी’, तो यान मार्टेल की ‘सन ऑफ नोबडी’ क्यों है आपकी अगली किताब?

होमर की कालजयी महाकाव्य ‘द ओडिसी’ ने सदियों से अनगिनत दर्शकों और पाठकों को मंत्रमुग्ध किया है। इसकी महाकाव्य यात्रा, वीरोचित संघर्ष और घर वापसी की उत्कट इच्छा एक सार्वभौमिक गाथा है। यदि आपने इस अमर क्लासिक का अनुभव किया है, तो नोबेल पुरस्कार विजेता यान मार्टेल (Yann Martel) की नवीनतम कृति, ‘सन ऑफ नोबडी’ … Read more

अकेलापन: एक साझा मानवीय अनुभव – नई साहित्यिक पुस्तक संग्रह का अनावरण

क्या अकेलापन सचमुच हमें अकेला कर देता है? अक्सर हम इसे एक नकारात्मक भावना और अलगाव के प्रतीक के रूप में देखते हैं। लेकिन क्या हो अगर अकेलापन सिर्फ एक व्यक्तिगत बोझ न होकर, एक ऐसा धागा हो जो हम सभी को एक साथ जोड़ता है? अकेलेपन की नई परिभाषा: एक अनूठा साहित्यिक संग्रह एक … Read more