क्या हम भटक रहे हैं राह? सुहेल सेठ की नई किताब में भारत की चुनौतियों का निदान और समाधान
आज हम एक ऐसे दौर में जी रहे हैं जहाँ प्रगति और विरोधाभास एक साथ चलते हैं। एक ओर हमारा
आज हम एक ऐसे दौर में जी रहे हैं जहाँ प्रगति और विरोधाभास एक साथ चलते हैं। एक ओर हमारा
साहित्य प्रेमियों के लिए कुछ किताबें ऐसी होती हैं, जिन्हें बार-बार पढ़ने पर भी उनकी गहराई और प्रासंगिकता कम नहीं
किताबों के शौकीनों और साहित्य प्रेमियों का हमारे नए साप्ताहिक सेक्शन ‘बुक बाइट्स’ में हार्दिक स्वागत है! हम हर हफ्ते
राजनीति और व्यक्तिगत जीवन के कई उतार-चढ़ावों से गुज़रीं सोनिया गांधी अब अपनी आत्मकथा ‘बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव’ के
हाल ही में, विश्वभर में लाखों लोगों के दिलों पर राज करने वाली एक असाधारण हस्ती, प्रिंसेस डायना की 30वीं
साहित्य की दुनिया में, कुछ लेखक अपनी कलम से ऐसे निशान छोड़ जाते हैं जो पाठकों के मन में वर्षों
मध्य भारत के आदिवासी समुदायों के इतिहास को अक्सर मुख्यधारा के विमर्श में उचित स्थान नहीं मिल पाता। इसी खाई
महान गायिका और समाजसेवी डोली पार्टन का नाम सिर्फ उनके संगीत के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षा और साक्षरता के
जाने-माने लेखक और पत्रकार समंथ सुब्रमण्यन अपनी अनूठी लेखन शैली और गहन रिपोर्टेज के लिए प्रसिद्ध हैं। उनकी नवीनतम कृति,
क्या आपने कभी सोचा है कि जब आपके पास कहने के लिए बहुत कुछ हो, लेकिन सही शब्द न मिल