साहित्य प्रेमियों और पाठकों के लिए एक रोमांचक खबर सामने आई है! भारतीय मूल की कनाडाई-अमेरिकी लेखिका पद्मा विश्वनाथन को प्रतिष्ठित इंटरनेशनल बुकर प्राइज़ 2026 की लॉन्गलिस्ट में शामिल किया गया है। यह सम्मान उन्हें ब्राज़ीलियाई लेखिका अना पाउला माइया की पुस्तक ‘On Earth As It Is Beneath’ के उनके उत्कृष्ट अनुवाद के लिए मिला है।
एक असाधारण उपलब्धि और साहित्यिक सेतु
पद्मा विश्वनाथन का यह नामांकन भारतीय प्रवासी लेखकों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। उनका काम, जिसमें उन्होंने मूल पुर्तगाली भाषा से ‘On Earth As It Is Beneath’ का अंग्रेजी में अनुवाद किया है, विभिन्न संस्कृतियों और भाषाओं के बीच एक सेतु का काम करता है। यह साहित्यिक अनुवाद की शक्ति और वैश्विक साहित्य में इसके बढ़ते महत्व को रेखांकित करता है।
इंटरनेशनल बुकर प्राइज़ दुनिया भर की उन सर्वश्रेष्ठ फिक्शन कृतियों को सम्मानित करता है जिनका अंग्रेजी में अनुवाद किया गया हो। यह पुरस्कार न केवल मूल लेखक को बल्कि अनुवादक को भी समान रूप से पहचान देता है, जो साहित्यिक कार्य को एक नई पाठक संख्या तक पहुंचाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाता है।
इस बड़ी उपलब्धि पर, पद्मा विश्वनाथन ने हाल ही में ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से खास बातचीत की, जहाँ उन्होंने अपनी अनुवाद प्रक्रिया, पुस्तक की गहराइयों और इस नामांकन से जुड़ी अपनी भावनाओं को साझा किया। उनकी यह यात्रा प्रेरणा देती है कि कैसे भाषा की बाधाओं को पार कर उत्कृष्ट साहित्य को विश्व पटल पर लाया जा सकता है।
हम पद्मा विश्वनाथन को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बधाई देते हैं और इंटरनेशनल बुकर प्राइज़ 2026 की अंतिम सूची में उनके स्थान बनाने की कामना करते हैं!


