मोहनी गुप्ता की कलम से: विक्रम सेठ की ‘बीस्टली टेल्स’ का अद्भुत हिंदी रूपांतरण

साहित्य की दुनिया में, कुछ कार्य ऐसे होते हैं जो भाषाओं की सीमाओं को पार कर जाते हैं और पाठकों को एक नया अनुभव प्रदान करते हैं। ऐसा ही एक अद्भुत साहित्यिक सफर तब शुरू हुआ जब मोहनी गुप्ता ने लगभग दो दशक पहले, सहसा ही विक्रम सेठ की प्रसिद्ध कविता ‘द फ्रॉग एंड द नाइटिंगेल’ का हिंदी में अनुवाद करने का मन बनाया। यह एक ऐसी पहल थी जिसने हिंदी साहित्य को एक नया आयाम दिया।

बीस्टली टेल्स का हिंदी रूपांतरण: विक्रम सेठ की ‘महान पुनर्सृष्टि’

विक्रम सेठ की ‘बीस्टली टेल्स फ्रॉम मैनी लैंड्स’ (Beastly Tales from Many Lands) अपनी चंचल कविताओं, मार्मिक कहानियों और अनूठे पात्रों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। इन कविताओं में हर जीव की आवाज, हर दोहा और प्रत्येक छंद एक विशिष्ट शैली में गूंजता है। मोहनी गुप्ता ने इसी जादू को हिंदी पाठकों तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया। दो दशकों की गहन साधना और रचनात्मकता के बाद, उन्होंने इस पूरी एंथोलॉजी के हर “टर्र-टर्र” और हर दोहे को हिंदी में इतनी ख़ूबसूरती से ढाला है कि स्वयं मूल लेखक विक्रम सेठ ने उनके इस कार्य को “एक महान पुनर्सृष्टि” (a great re-creation) घोषित किया है।

गुप्ता जी के अनुवाद की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल शब्दों का भाषाई हस्तांतरण नहीं है, बल्कि यह मूल रचना की आत्मा, उसके हास्य और उसके भावुक पहलुओं को भी उतनी ही सहजता से हिंदी में प्रस्तुत करता है। उनकी चंचल छंदबद्धता (playful verse) ने ‘बीस्टली टेल्स’ की कहानियों को हिंदी पाठकों के लिए उतना ही मनोरंजक और विचारोत्तेजक बना दिया है, जितना कि वे अपनी मूल अंग्रेजी में हैं। चाहे वह मेंढक की आवाज़ हो या बुलबुल का गीत, मोहनी गुप्ता ने प्रत्येक चरित्र और प्रसंग को भारतीय संवेदना के अनुरूप ढालते हुए, उसकी मौलिकता को बनाए रखा है।

हिंदी साहित्य में एक अमूल्य योगदान

मोहनी गुप्ता का यह अनुवाद कार्य केवल एक पुस्तक का रूपांतरण नहीं है, बल्कि यह हिंदी साहित्य के लिए एक अमूल्य योगदान है। यह दर्शाता है कि कैसे एक विदेशी भाषा की उत्कृष्ट कृति को अपनी सांस्कृतिक पहचान और साहित्यिक मूल्यों को खोए बिना, एक नई भाषा में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता है। यह उन अनुवादकों के लिए एक प्रेरणा है जो भाषाओं के बीच सेतु का निर्माण करते हुए, ज्ञान और कला के आदान-प्रदान को बढ़ावा देते हैं। ‘बीस्टली टेल्स’ का मोहनी गुप्ता द्वारा किया गया हिंदी अनुवाद, साहित्य प्रेमियों के लिए एक अद्वितीय उपहार है, जो उन्हें विक्रम सेठ की दुनिया में एक नए दृष्टिकोण से झाँकने का अवसर देता है।

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