CBSE 12वीं पुनर्मूल्यांकन: आंसर शीट, फीस और महत्वपूर्ण तिथियों की पूरी जानकारी
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए एक बड़ा राहत भरा फैसला लिया है। बोर्ड ने स्कैन की हुई आंसर शीट प्राप्त करने और पुनर्मूल्यांकन (re-evaluation) से संबंधित महत्वपूर्ण तिथियों को बढ़ा दिया है, साथ ही आवेदन शुल्क में भी भारी कटौती की है। यह निर्णय छात्रों और अभिभावकों द्वारा परीक्षा परिणामों में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम के कारण अंकों में कमी की शिकायतों के बाद लिया गया है।
CBSE 12वीं पुनर्मूल्यांकन: महत्वपूर्ण तिथियां
CBSE ने 12वीं कक्षा की स्कैन आंसर शीट प्राप्त करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है।
- स्कैन आंसर शीट प्राप्त करने की अंतिम तिथि: 22 मई से बढ़ाकर 23 मई
- अंकों का सत्यापन (मार्क्स वेरिफाई) या री-टोटलिंग: 26 मई से 29 मई के बीच
- प्रति प्रश्न पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्युएशन) के लिए आवेदन: 26 मई से 29 मई के बीच
परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए हैं। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि अधिक आवेदन आते हैं, तो पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया की तारीखें और बढ़ाई जा सकती हैं।
फीस में बड़ी कटौती: अब आवेदन करना हुआ सस्ता
शिक्षा मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद CBSE ने पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया से संबंधित शुल्कों में उल्लेखनीय कमी की है। यह छात्रों के लिए आवेदन प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाता है।
- स्कैन आंसर शीट की कॉपी के लिए: पहले ₹700 की जगह अब केवल ₹100 देने होंगे।
- अंकों के सत्यापन (मार्क्स वेरिफाई) या री-टोटलिंग के लिए: पहले ₹500 की जगह अब केवल ₹100 देने होंगे।
- प्रति प्रश्न दोबारा कॉपी जांचने (पुनर्मूल्यांकन) के लिए: पहले ₹100 की जगह अब केवल ₹25 लगेंगे।
यह फीस कटौती छात्रों के विरोध और उनकी वित्तीय चिंताओं को दूर करने के उद्देश्य से की गई है। स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार ने 17 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन बदलावों की जानकारी दी थी।
शिक्षा मंत्रालय का हस्तक्षेप और छात्रों की चिंताएं
CBSE 12वीं बोर्ड के रिजल्ट जारी होने के बाद कई छात्रों और उनके अभिभावकों ने परिणामों पर सवाल उठाए थे। उनकी मुख्य शिकायत ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) से संबंधित थी, जिसके कारण उन्हें उम्मीद से कम अंक मिले थे। इस व्यापक विरोध के बाद ही शिक्षा मंत्रालय ने मामले में हस्तक्षेप किया और CBSE को फीस में कटौती तथा प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने का निर्देश दिया।
पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया और शुल्क वापसी नीति
छात्र 19 मई से स्कैन आंसर शीट प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है। यदि वे अपनी कॉपियों का सत्यापन (वेरिफिकेशन) या पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्युएशन) कराना चाहते हैं, तो अगले सप्ताह 26-29 मई के बीच ऐसा कर सकेंगे। हालांकि, बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया भी ‘ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम’ (OMS) के माध्यम से ही होगी, न कि मैनुअली।
एक महत्वपूर्ण घोषणा यह भी की गई है कि यदि किसी छात्र के कुल अंकों में पुनर्मूल्यांकन के बाद एक अंक भी बढ़ता है, तो उसे पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए जमा की गई पूरी फीस वापस कर दी जाएगी। यह नीति छात्रों को अपनी कॉपियों की जांच करवाने के लिए प्रोत्साहित करेगी और उन्हें किसी भी संभावित त्रुटि के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करेगी।
यह कदम CBSE द्वारा छात्रों के हितों की रक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।


